जालंधर कैंट में सर्वजीत मक्कड़ के लिए चुनौती बना सुखबीर बादल का खासमखास ये युवा नेता

Prabhat Times
Preet Suji
जालंधर। पंजाब (Punjab) में चुनावी माहौल गर्मा चुका है। विधानसभा चुनाव 2022 (Election 2022) के लिए शिरोमणि अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल कई माह से चुनावी बिगुल बजा चुके हैं। एक और जहां कई सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है तो राज्य की अन्य विधानसभा सीटों पर बेहद ही बारीकी से मंथन चल रहा है।
इसी बीच उम्मीदवार भी अपने विधानसभा हल्कों में दावेदारी जता रहे हैं। आज हम बात करते हैं, जालंधर जिला के महत्त्वपूर्ण विधानसभा हल्का जालंधर कैंट की। इस विधानसभा क्षेत्र अकाली नेता सर्वजीत सिंह मक्कड़ चुनाव हार चुके हैं। पिछले चुनावों में जालंधर कैंट शिअद उम्मीदवार की हार पर मंथन हुआ तो सबसे बड़ा कारण उभर कर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार एच.एस. वालिया।
हैरानीजनक तथ्य ये था कि चुनाव लड़ने से महज कुछ माह पहले ही राजनीति में आए एच.एस. वालिया ने इतनी मेहनत की कि पहले ही चुनावों में कांग्रेस का गढ़ माने जाते कैंट हल्के में लगभग 26000 वोट हासिल किए। एच.एस. वालिया का कैंट हल्के के वोटरों, परिवारों में खासी पैठ की फीडबैक मिलने के बाद शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल ने एच.एस. वालिया को अकाली दल में ज्वाईन करवा लिया। हालांकि कैंट हल्के से उम्मीदवारी अनाऊंस नहीं की गई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में साफ संदेश गया कि 2022 चुनावों के लिए शिअद को उम्मीदवार मिल गया है।
अब चुनाव सिर पर हैं। बेशक, सुखबीर बादल ने सर्वजीत सिंह मक्कड़ को कार्यकारिणी में अच्छा पद दिया है, लेकिन इसका अर्थ ये नहीं की सर्वजीत सिंह मक्कड़ की टिकट पक्की है। इस बात को लेकर फिलहाल असमंजस बरकरार है, लेकिन इसी बीच एच.एस. वालिया ने खुले तौर पर कैंट हल्के से अपनी उम्मीदवारी की ताल ठोंक दी है।
युवाओं, उनके परिवारों में फैमिलियर होने के कारण एच.एस. वालिया को जालंधर कैंट हल्के के वोटर भी उम्मीदवार के तौर पर ही देख रहे हैं। शिअद ज्वाईन करने के पहले से ही एच.एस. वालिया का चल रहा ‘मेरा हल्का, मेरा परिवार’ अभियान आज भी जारी है।
इस समय सुखबीर बादल के करीबी माने जाते युवा नेता एच.एस. वालिया ने दावा किया है कि वे ही विधानसभा चुनाव 2022 में जालंधर कैंट हल्के से शिअद की तरफ से चुनाव लड़ेंगे। शिरोमणि अकाली दल (व्यापार सैल) पंजाब के महासचिव एच.एस. वालिया का कहना है कि अगर पार्टी हाईकमान ने विश्वास जताया तो वे कैंट हल्का से चुनाव लड़ेंगे। वालिया ने कहा कि वे लगातार अपने हल्के के परिवारों के संपर्क में है।

पार्टी हित में नहीं हों सर्वजीत मक्कड़ के कई तीखे किस्से

शिअद की टिकट से लगातार चुनाव हार चुके सर्वजीत मक्कड़ के लिए इस बार राह आसान नहीं होगी। राजनीतिक माहिरों का मानना है कि सुखबीर बादल द्वारा कार्यकारिणी अच्छी पोस्ट दे देना इस और भी इशारा करता है कि टिकट आबंटन के दौरान कोई किंतु परंतु न हो। उधर, ये भी सर्वविदित है कि सर्वजीत मक्कड़ की शहर के कई वरिष्ठ अकाली नेताओं के साथ भी अच्छी नहीं पटती। किसी न किसी बात को लेकर उनका सीधा विवाद हो चुका है। पार्टी हाईकमान को यहां तक फीडबैक है कि सार्वजनिक तौर पर हुए सर्वजीत मक्कड़ व अन्य नेताओं के बीच हुए तीखे विवाद चुनावों में पार्टी हित में नहीं होंगे।

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