हिली सरकार, इस धार्मिक हस्ती के हाथ केंद्र ने किसानों को भेजा ये प्रस्ताव, पढ़ें

Prabhat Times
नई दिल्ली। (Agriculture Bill) कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर मार्च को देख कर केंद्र सरकार हिल गई है। पता चला है कि कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच एक धार्मिक हस्ती बाबा लखा सिंह द्वारा मध्यस्थता की जा रही है।
पता चला है कि धार्मिक हस्ती बाबा लखा सिंह ने आज केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की। करीब दो घण्टे तक बैठक चली। किसानों और केंद्र सरकार के बीच मध्यस्थता करने के लिए आगे आए धार्मिक हस्ती ने सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि किसान किसी भी हालत मे पीछे हटने को तैयार नहीं है।
इसके अतिरिक्त कृषि बिल को लेकर चल रहे विरोध के बारे में काफी देर तक चर्चा हुई। अति सुविज्ञ सूत्रों से पता चला है कि केंद्र सरकार द्वारा धार्मिक शख्सीयत के हाथ किसानों को मैसेज भेजा है।
ये कहा गया है कृषि बिल वापस तो नहीं होंगे, लेकिन इन्हें लागू करने का अधिकार राज्यों को दे दिया जाएगा, कि वे कानून लागू करें या न।
पता चला है कि सरकार ने ये वर्बल प्रस्ताव भेजा है। अब देर शाम धार्मिक शख्सीयत बाबा लखा सिंह द्वारा किसान नेताओं से इस बारे में चर्चा की जाएगी। बाबा लखा सिंह ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि अगर किसान इस बात पर समझोता करने के लिए तैयार हैं तो 8 जनवी को होने वाली बैठक में वह (बाबा लखा सिंह) साथ बैठ सकते हैं।
देखना ये है कि इस प्रस्ताव से क्या केंद्र और किसानों के बीच सहमती बन पाती है या नहीं। बता दें कि 8 जनवरी को किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक होनी निर्धारित है।

बोले टिकैत, हम 2024 तक आंदोलन के लिए तैयार

नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार के साथ बातचीत के बावजूद हल नहीं निकलने से नाराज किसान आज दिल्ली की सीमाओं और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे हैं. किसानों की रैली के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
जानकारी के अनुसार सिंघु बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. किसान पहले यह मार्च बुधवार को ही निकालने वाले थे, लेकिन मौसम को देखते हुए इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया था.
किसानों ने कहा है कि यह 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर आयोजित किए जाने वाले ट्रैक्टर मार्च का पूर्वाभ्यास है. गौरतलब है कि किसानों और सरकार के बीच आठ जनवरी की आठवें दौर की बातचीत होनी है. इससे पहले किसानों कृषि कानूनों का विरोध और तेज करने की बात कही है.
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम सरकार को चेतावनी देने के लिए यह रैली निकाल रहे हैं. 26 जनवरी को हम ट्रैक्टर की परेड निकालेंगे. उन्होंने कहा कि हम मई, 2024 तक आंदोलन के लिए तैयार हैं.

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