जालंधर (ब्यूरो): कोरोना वायरस के कारण देश, दुनिया का हर व्यक्ति मंदी की मार से गुजर रहा है। हालात ऐसे नज़र आ रहे हैं कि देश के अधिकांश नागरिक आने वाले महीनों में कर्ज में दबे होंगे। सरकार की नीतियां भी कुछ खास कारगर साबित होती नज़र नहीं आ रही हैं। ऐसे हालात में तमाम कारोबार के बीच एक कारोबार ऐसा है जो बिल्कुल ठप्प हो चुका है। ये कारोबार है बैंड-बाजे वालों का। लोगों की शादी विवाह में बैंड बाजा बजा कर खुशियां मनाने वाले बैंड बाजे वाले बेहद ही मंदी के दौर से गुजर रहे हैं।जालंधर में बेहद पुराने शहंशाह बैंड के सुभाष कुमार ने बताया कि उनका कारोबार बिल्कुल खत्म हो गया है। सुभाष ने बताया कि उन्हे हर सीज़न में कुछ नया करना पड़ता है। नई ड्रैस बनवानी पड़ती हैं और इंस्ट्रूमैंट लेने पड़ते हैं। वे सभी बैंड बाजा वाले कारोबारी कर्ज लेकर आने वाले सीज़न की तैयारी करते हैं।

कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से उनका कारोबार खत्म हो गया है। बैंड बाजा कारोबार से जुड़े हज़ारों लोग बेरोज़गार तो हो ही चुके है साथ ही कर्ज में भी डूब गए हैं। हालात मुताबिक उन्हे आस है कि उनका अगला सीज़न दीपावली के बाद या नवम्बर दिसंबर में शुरू होगा। कैसे चलेगा, इसके बारे में कुछ नहीं पता। सुभाष कुमार ने सभी कारोबारियों की तरफ से मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि इस कारोबार से जुड़े हज़ारो लोगों को बचाने के लिए उन्हें रियायतें दी जाएं। उनके कर्ज माफ करके राहत दी जाए। उनके परिवारों के पालन पोषण के लिए और राहत दी जाए।

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