विदेश जाने के लिए न करें ‘कांट्रैक्ट मैरिज’, इमीग्रेशन एक्सपर्ट गुरिन्द्र भट्टी ने बताई वजह

Gurinder
Prabhat Times
जालंधर। (Gurinder Bhatti, Immigration Expert, ESS Global) कोई समय था जब शहरों के मोहल्लो में से इक्का दुक्का लोग ही विदेश जाते थे। लेकिन मौजूदा हालात ऐसे हैं कि हर मोहल्ले के दूसरे घर से बच्चे विदेश जा रहे हैं। युवाओं में विदेश जाने की ललक ऐसी है कि वे सिर्फ विदेश की धरती पर उतरना चाहतें हैं तरीका चाहे कोई भी हो।
फर्जी एजैंटो द्वारा ऐसा ही एक तरीका काफी समय से अपनाया जा रहा है और वो है कांट्रैक्ट मैरिज का। इसका अर्थ ये है कि लड़का लड़की एक दूसरे को जानते तक नहीं है। फर्जी एजैंटो द्वारा ही पढ़ी लिखी लड़की ढूंढी जाती है और विदेश जाने का इच्छुक लड़का। दोनों में डील करवा कर काट्रैक्ट मैरिज करवा कर फाईलें एंबैसी भेज दी जाती है। लड़की पहले विदेश जाती है और लड़का बाद में।
विदेश पहुंच कर कांट्रैक्ट के मुताबिक दोनो डाईवोर्स ले लेते हैं। ऐसे कई मामले अब सामने आ चुके हैं। लेकिन जल्द ही कांट्रैक्ट मैरिज के ज़रिए विदेश पहुंचे या जाने की प्लानिंग कर रहे युवाओं पर आफत आने वाली हैं। क्योंकि कनाडा सरकार ने इस मामले में सख्ती कर दी है। कनाडा सरकार द्वारा कानून में संशोधन किया जा रहा है। जिससे कांट्रैक्ट मैरिज वाले युवाओं का भविष्य अंधकारमय ही है।
इस बारे में इमीग्रेशन एक्सपर्ट गुरिन्द्र भट्टी से बात की गई। गुरिन्द्र भट्टी ने बताया कि कांट्रैक्ट मैरिज वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर नहीं है। युवा विदेश जाने के लिए किसी न किसी भ्रम में फंस कर कांट्रैक्ट मैरिज जैसे गल्त कदम उठाते हैं। जो समय निकल गया वो ठीक, लेकिन भविष्य में कांट्रैक्ट मैरिज वालों को काबू करने के लिए कनाडा सरकार सख्त कदम उठा रही है। इस संबंधी सरकार प्रस्ताव पास कर चुकी है।
इमीग्रेशन एक्सपर्ट गुरिन्द्र भट्टी ने बताया कि कांट्रैक्ट मैरिज के मामले कनाडा सरकार की नज़र मे आ चुके हैं। अब मैरिज की फाईलों को गहराई से खंगाला जा रहा है। यहां तक की कनाडा सरकार द्वारा सच्चाई जानने के लिए पति-पत्नी के रिलेशनशिप के बारे में गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। एक सवाल के जवाब में गुरिन्द्र भट्टी ने पंजाबियों से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए कांट्रैक्ट मैरिज या गल्त तरीके न इस्तेमाल करें। ऐसा करने से वे कानूनी शिकंजे में फंस कर अपना समय और पैसे खराब कर सकते हैं।

स्टूडैंट वीज़ा को ही दें प्राथमिकता

गुरिन्द्र भट्टी ने कहा कि विदेश जाने के लिए स्टूडैंट वीज़ा को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लेकिन ये जरूरी है कि नियमों का ध्यान रखा जाए। भट्टी ने कहा कि इस समय स्टूडैंट वीज़ा का सक्सेस रेट 97 प्रतिशत है। गुरिन्द्र भट्टी ने कहा कि जो लोग जो लोग आईलैट्स के 5.5 बैंड पर स्टूडैंट वीज़ा का दावा कर रहे हैं, दरअसल मे वे स्टूडैंट को भ्रमित कर रहे हैं। गुरिन्द्र भट्टी ने कहा कि स्टूडैंट को नियमों को ध्यान में रख कर ही आवेदन करें।

पति-पत्नी इकट्ठे जाना चाहतें है तो यू.के. के लिए करें ट्राई

गुरिन्द्र भट्टी ने कहा कि मौजूदा समय में एक और ट्रैंड देखने में आ रहा है कि युवा विदेश सैटल होने के लिए पहली अपनी पत्नी को विदेश भेजतें और फिर कुछ साल बाद खुद जाते हैं। लेकिन ऐसा केसों मे भी सक्सेस रेट काफी कम है। ऐसे हालातों में परिवार तक खराब होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। विदेशी धरती पर अलग रहना किसी यातना से कम नहीं है। गुरिन्द्र भट्टी ने पंजाबी युवाओं से अपील की है कि ये तरीका न अपनाएं। एक सवाल के जवाब में भट्टी ने कहा कि परिवार अकेले अकेले नहीं बल्कि इकट्ठे ही जाएं। स्पाऊस वीज़ा के लिए यू.के. बैस्ट है।

ये भी पढ़ें