ममता बैनर्जी पर हमला!, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट, पढ़ें

Prabhat Times
नई दिल्ली। (Mamata Banerjee Attacked) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घायल हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक टीएमसी प्रमुख नंदीग्राम में एक और दिन रुकने की योजना में थीं, लेकिन पांव में चोट लगने के बाद वे तत्काल कोलकाता लौट रही हैं. बुधवार को ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से अपना चुनावी नामांकन दाखिल किया.  इस बीच, चुनाव आयोग ने इस घटना को लेकर जानकारी मांगी है.
ममता बनर्जी ने कहा कि जब वे अपनी कार के पास खड़ी थी, उन्हें कुछ लोगों ने कार में धक्का दिया, जिसकी वजह से उनके पैर में चोट आई. ममता के पैर में चोट लगने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बनर्जी पर हमला किया गया, हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे कौन है? टीएमसी ने कहा है कि वह चुनाव आयोग से इस बारे में शिकायत करेगी. सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी को कोलकाता जाते वक्त रास्ते में अस्पताल ले जाया जा सकता है.
उधर, ममता पर कथित हमले की खबर सामने के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा, “क्या ये तालिबान है कि उनके काफिले पर हमला हुआ है? बड़ी संख्या में पुलिस उनके साथ रहती है. उनके पास कौन जा सकता है. 4 आईपीएस अधिकारी उनकी सुरक्षा के प्रभारी हैं और निश्चित रूप से उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए. हमलावर अचानक से गायब नहीं हो जाएंगे. उन्हें पकड़ा जाना चाहिए. ममता बनर्जी नाटक कर रही हैं.”

ममता का नामांकन

इससे पहले बुधवार को दिन में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया और जीतने का विश्वास जताते हुए कहा कि वह नंदीग्राम से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हैं. इस सीट पर उनका मुकाबला पूर्व में अपने सहयोगी और अब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा. बनर्जी ने तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुव्रत बक्शी की उपस्थिति में हल्दिया सब डिविजनल कार्यालय में नामांकन दाखिल किया. इससे पहले उन्होंने दो किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और एक मंदिर में पूजा अर्चना की. नामांकन दाखिल करने में बाद बनर्जी एक और मंदिर गईं.

नंदीग्राम से उम्मीदवारी

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि मैं नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करूंगी. मैं आसानी से भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती थी. मैं जब जनवरी में नंदीग्राम आई थी, तब यहां से कोई विधायक नहीं था क्योंकि तत्कालीन विधायक ने इस्तीफा दे दिया था. मैंने आम लोगों के चेहरे को देखा और यहां से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया.” पूर्वी मिदनापुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष शेख सुफियान को बनर्जी का चुनाव एजेंट नियुक्त किया गया है.

‘नंदीग्राम से कभी खाली हाथ नहीं लौटी’

बनर्जी ने कहा, “मैं यहां से कभी खाली हाथ नहीं लौटी. नंदीग्राम केवल एक नाम नहीं है यह एक आंदोलन का नाम है. मैं सभी का नाम भूल सकती हूं, लेकिन नंदीग्राम का नाम नहीं भूल सकती. मेरे लिए इस स्थान का इतना महत्व है.” तृणमूल अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस बार सिंगूर या नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का मन बनाया था. यह दोनों स्थान 2011 में भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुए आंदोलन का केंद्र थे.
ममता ने नंदीग्राम में एक घर किराए पर लिया है, जहां से वह चुनाव प्रचार करेंगी. इस सीट पर उनका मुकाबला अधिकारी से है, जो हाल ही में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं. अधिकारी ने बनर्जी को “बाहरी” करार देते हुए खुद को “भूमिपुत्र” बताया.

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