ना DC, ना CP, किसे दी नई मणदे जलंधर दे शराब ठेकेदार!, पढ़ें

Prabhat Times
जालंधर। (Night Curfew Violation) कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पंजाब के सी.एम. कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत हर विभाग के अधिकारी की नींद हराम हो चुकी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह हर पल संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर स्थिति रिव्यू कर रहे हैं, और हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरीके कोरोना संक्रमण की चेन टूट सके।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश, निर्देश लागू करवाने के लिए जिलों के डी.सी., पुलिस कमिश्नर एस.एस.पी. भी दिन रात जाग रहे हैं। लेकिन जालंधर में एक वर्ग ऐसा है जिसे सरकार, जिला के सी.पी., डी.सी. किसी के आदेशों की परवाह नहीं है। ये हैं जालंधर के शराब ठेकेदार। शराब ठेकेदारों को न तो डी.सी. की परवाह है और न ही सी.पी. के आदेशों की। यही कारण है कि शराब ठेकेदार नाईट कर्फ्यु लागू होने के बावजूद भी ठेके खोल कर बैठे रहते हैं और चोर खिड़की से शराब बेचते हैं।
सर्वविदित है कि कोरोना महामारी लगातार बढ़ रही है। रोजाना सैंकड़ो मरीज़ इस महामारी का शिकार हो रहे हैं। राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है कि किसी तरीके से कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ी जा सके। इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह रोजाना मीटिंग करते हैं और दिशा निर्देश देते हैं।
कुछ दिन पहले भी नाईट कर्फ्यु का समय रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक किया गया। सभी जिलों को पुलिस अधिकारियों, डी.सी को निर्देश दिए गए आदेशों का सख्ती से पालन करवाया जाए। बात जालंधर की करें तो पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डी.सी. घनश्याम थौरी दिन रात फील्ड में रहते हैं ताकि लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए।लेकिन जालंधर का एक वर्ग ऐसा हो कि जिन्हें सरकारी आदेशों की परवाह तक नहीं है। राज्य में लागू नाईट कर्फ्यु लागू है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग सरकार और प्रशासन के निर्देशों-आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आज रात जालंधर में नाईट कर्फ्यु के दौरान स्टिंग आप्रेशन किया गया। शहर की सभी मार्किट, शोरूम, दुकानें बंद पाए गए, लेकिन जालंधर के नामदेव चौक के निकट स्थित शराब ठेका और एक रेस्तरां खुले मिले।
राज्य में नाईट कर्फ्यु रात 8 बजे से लागू है, लेकिन करीब 9 बजे ये ठेका और फास्ट फूड खुले मिले। शराब ठेके पर तो चोर खिड़की से सरेआम शराब बेची जा रही थी और फास्ट फूड कार्नर से आर्डर सप्लाई किया जा रहा था।
हैरानी जनक तथ्य है कि आखिर शराब ठेकेदार और उक्त रेस्तरां संचालक को राज्य सरकार और प्रशासन के आदेशों की परवाह क्यों नहीं है? पता चला है कि जब शराब ठेके के खुले होने की सूचना मिली तो निकट ही नाके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने ठेका और फास्ट फूड कार्नर बंद करवाया।
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