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चंडीगढ़। (punjab excise policy 2022-23) पंजाब में नई एक्साईज़ पॉलिसी को सी.एम. भगवंत मान कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। पिछली सरकारों के बिल्कुल विपरीत मान सरकार ने शराब कारोबारियो को नहीं बल्कि आम जनता की जेब को देख कर पॉलिसी तैयार की है।
नई पॉलिसी के ज़रिए सी.एम. भगवंत मान सरकार ने आम आदमी को राहत मिली है, लेकिन शराब कारोबार के ‘राजे’ बन कर बैठे ठेकेदारों को गहरी चोट दी है।
जानकारों के मुताबिक पॉलिसी पर नज़र दौड़ाई जाए स्पष्ट है कि मान सरकार ने आम जनता के हितों को ध्यान में रख कर तथा शराब कारोबार के ज़रिए होने वाली लूट खसूट, तस्करी के सारे रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं।
जानकारों के मुताबिक इस बार सरकार द्वारा पिछले साल के राजस्व 6158 करोड़ के मुकाबले 9647 करोड़ रुपए की कमाई का टारगेट रखा है। साथ ही राज्य में ग्रुप भी बेहद कम कर दिए हैं। कोटा सिस्टम खत्म कर दिया गया है।
वहीं बीयर के रेट चंडीगढ़ से भी कम हो जाएंगे। वहीं शराब चंडीगढ़ के बराबर पर शराब मिलेगी। यह पॉलिसी 1 जुलाई 2022 से लागू होगी।
वहीं पिछली कांग्रेस सरकार के लाइसेंस सिस्टम को खत्म कर दिया गया है। अब सरकार इसकी टेंडर कराएगी। हालांकि इस फैसले से छोटे ठेकेदार बाहर हो जाएंगे।

होटल, बॉर, रेस्तरां में भी मंहगी नहीं बिकेगी शराब

बता दें कि एक्साईज़ पॉलिसी के मुताबिक शराब की बोतल, हॉफ, क्वार्टर तक के रेट सरकार ने निर्धारित कर दिए हैं। इसका लाभ ये रहेगा कि निर्धारित रेट से ज्यादा की शराब होटल, बॉर, रेस्तरां संचालक भी नहीं बेच सकेंगे।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अगर कोई बॉर, रेस्तरां या होटल संचालक निर्धारित रेट से ज्यादा रेट पर शराब या पैग बेचता है तो उसका बिल सहित शिकायत विभाग को की जा सकती है। अगर साबित होता है कि शराब मंहगी बेची है तो उसके लिए संचालक को लाखों रूपए के जुर्माने का प्रावधान पॉलिसी में है।

नहीं होगी शराब की तस्करी, हर बोतल पर होगा होलोग्राम

नई पॉलिसी के मुताबिक अवैध शराब की बिक्री बिल्कुल बंद होगी। प्रावधान रखा गया है कि शराब की हर बोतल पर होलोग्राम होगा। जिसे स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि ये शराब किस बैच की है और फैक्टरी से इसकी बिलिंग किस ठेकेदार के नाम पर हुई है।
इसका अर्थ ये है कि अगर ठेकेदार तस्करों के ज़रिए शराब की बिक्री करने की कोशिश करता है और वो तस्कर पुलिस या एक्साईज विभाग की टीम के हत्थे चढ़ जाता है तो उसी क्षण बोतल स्कैन करते ही पता चलेगा कि ये शराब किस ठेकेदार की है।
ऑनलाइन इस तथ्य का पता चलते ही विभागीय अधिकारी ऑनलाईन ही चालान काट कर शराब ठेकेदार को भेज देंगे। इस मामले में शराब ठेकेदार भारी भरकम जुर्माना तो होगा ही, साथ ही शराब लाईसैंस रद्द करने तक का प्रावधान है।

शराब ठेकेदारों की मनमानियां खत्म

नई पॉलिसी से शराब कारोबारियों को करारा झटका है। मान सरकार ऐसी ट्रांसपेरेंस पॉलिसी लाई है, जिसमें अब हैंकी पैंकी की कोई जगह नहीं छोड़ी। स्पष्ट तौर पर यूजर को फायदा दिया गया है।
इससे पहले शराब ठेकेदार सिंडीकेट बना कर पूल कर लेते थे और मनचाहे रेटों पर शराब बेचते थे। मनमर्जी से ही 10-10 रूपए बोतल का कीमत बढ़ा कर लाखों रूपए बटौर लेते थे। लेकिन अब ऐसी संभावनाएँ कम है। क्योंकि शराब निर्धारित मूल्य से ज्यादा नही बिक पाएगी। जिस कारण शराब ठेकेदारों की मनोप्ली नहीं बनेगी।
इससे पहले शराब ठेकेदार खुद ही एक दूसरे के एरिया शहरों में शराब की अवैध बिक्री करवात थे। अब बोतल पर होलोग्राम होने के कारण तस्करी का ये बिल्कुल ठप्प हो जाएगी।

पंजाब में 35 से 60% तक शराब सस्ती, बीयर 120 रुपए में

नई एक्साइज पॉलिसी के बाद पंजाब में शराब 35 से 60% तक सस्ती हो जाएगी। शराब का कोटा ओपन करने के बाद अंग्रेजी शराब और बीयर के रेट एक जुलाई से कम हो जाएंगे।
एक्साइज अफसरों के मुताबिक हरियाणा के मुकाबले पंजाब में 10 से 15% तक शराब सस्ती मिलेगी। पंजाब में बीयर के रेट अभी 180 से 200 रुपए प्रति बॉटल है। जो गिरकर 120 से 130 तक हो जाएंगे।
चंडीगढ़ में बीयर का रेट 120 से 150 रुपए है। इसी तरह भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) के रेट पंजाब में अभी 700 रुपए है। यह गिरकर 400 रुपए तक हो जाएगा। चंडीगढ़ में इसका रेट 510 रुपए है।

शराब के ग्रुप 750 से 177 किए

मान सरकार ने पंजाब में शराब के ग्रुप 750 से घटाकर 177 कर दिए हैं। एक ग्रुप अब 30 करोड़ का होगा। पहले यह 4 करोड़ रुपए था। इनका टेंडर ऑक्शन होगा। पहले ड्रॉ के जरिए लाइसेंस दिए जाते थे।
डिस्टलरीज, लिकर डिस्ट्रीब्यूटर्स और ठेकों को एक-दूसरे से अलग कर दिया गया है। पहले यह खुद ही शराब बेच रहे थे। सरकार ने राज्य में नई डिस्टलरी खोलने पर लगी रोक भी हटा दी है।

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