Prabhat Times

कीव। (putin gives 3 condition to zelenskyy) रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच चल रही जंग का मंगलवार को छठा दिन है.
रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Ukraine War) लगातार तेज होती जा रही है. मंगलवार को रूस की सेना के हमले में 70 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं.
रूसी सैनिकों ने अर्टलरी (तोप) से Okhtyrka में स्थित मिलिट्री बेस को निशाना बनाया था. Okhtyrka शहर खारकीव और कीव के बीच पड़ता है.
स्पूतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना तेजी से कीव की तरफ बढ़ रही है.
यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जे के लिए रूस की तरफ से अब बेहद बड़ा मिलिट्री काफिला भेजा गया है.
रूस का 40 मील (64 किलोमीटर) लंबा काफिला कीव की तरफ बढ़ रहा है.
रूसी हमले के बाद से अबतक यूक्रेन की तरफ भेजा गया यह सबसे लंबा मिलिट्री काफिला है.
इससे पहले तक भेजे गए रूसी काफिलों का साइज 3 मील तक रहा था.
दरअसल, अमेरिका कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीस ने सोमवार को जानकारी दी है कि कीव के उत्तर में 40 मील यानि 64 किमी लंबा रूसी सैन्य काफिला मौजूद है.
खास बात है कि इससे पहले काफिले की लंबाई 17 मील यानि 27 किमी आंकी गई थी. यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई जारी है.
अमेरिकी कंपनी मैक्सार की सैटेलाइट तस्वीरों में नजर आ रहा है कि कीव के बाहरी क्षेत्रों में पहुंचे काफिले की लंबाई पहले की तुलना में अधिक है.
सीएनएन से बातचीत में कंपनी ने कहा था कि विशाल सैन्य काफिले में बख्तरबंद हथियार, तोपें समेत कई अन्य वाहन शामिल थे.
मैक्सार ने बताया कि अतिरिक्त सैटेलाइट तस्वीरों के मिलने और आकलन के काफिले की लंबाई के संबंध में नई जानकारी मिल सकी है.
कंपनी ने कहा कि सोमवार को जुटाई गई तस्वीरें और डेटा में देखा गया था कि काफिला एंटोनोव एयरबेस से लेकर प्रिबर्स्क के उत्तर तक मौजूद था.

पुतिन ने रखी ये शर्तें

जंग को रोकने के लिए दोनों मुल्कों के बीच बेलारूस (Belarus) में सोमवार को मीटिंग हुई.
3:30 घंटे तक चली मीटिंग में दोनों देश एकमत नहीं हो पाए और मीटिंग खत्म हो गई.
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडमिर जेलेंस्की ने यूरोपीय यूनियन की सदस्यता के लिए साइन कर दिए हैं.
वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ समझौते के लिए 3 शर्तें रखी हैं. दूसरे दौर की वार्ता पोलैंड बेलारूस के बॉर्डर पर होगी.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) से फोन पर बात की. पुतिन ने इस दौरान 3 शर्तें रखी हैं.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के साथ समझौता तभी संभव है, जब रूस के वैध सुरक्षा हितों को बिना शर्त माना जाए.
इसमें क्रीमिया पर रूसी संप्रभुता की मान्यता, यूक्रेन का विसैन्यीकरण और विमुद्रीकरण और यूक्रेन की तटस्थ स्थिति सुनिश्चित करना भी शामिल है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मैक्रों से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि रूसी पक्ष यूक्रेन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए खुला है और उम्मीद है कि इन वार्ताओं से वांछित परिणाम मिलेंगे.
मैक्रों के साथ बातचीत में पुतिन ने जोर देकर कहा कि एक समझौता तभी संभव है जब रूस के वैध सुरक्षा हितों को बिना शर्त ध्यान में रखा जाए.
जिसमें क्रीमिया पर रूसी संप्रभुता की मान्यता, यूक्रेनी राज्य का विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से मुक्ति व इसकी तटस्थ स्थिति सुनिश्चित करना शामिल है.

रूस के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं ये लोग

क्रेमलिन (Kremlin) के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को ने कीव के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत से पहले अपनी स्थिति की घोषणा नहीं की, क्योंकि चर्चा चुपचाप चलनी चाहिए.
अभी तक रूस की तरफ से ये नहीं बताया गया है कि वह किस मुद्दे पर चर्चा करने वाला है.
रूस के प्रतिनिधिमंडल में मिन्स्क में मॉस्को के राजदूत, रूस के उप रक्षा मंत्री, एक वरिष्ठ सांसद और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की शामिल हैं.
मेडिंस्की ने कहा कि हम निश्चित रूप से जल्द से जल्द कुछ समझौतों पर पहुंचने में रुचि रखते हैं.
इस बातचीत के जरिए ये उम्मीद लगाई जा रही है कि युद्ध की समाप्ति हो सकती है.

जेलेंस्की ने EU की सदस्यता आवेदन पर हस्ताक्षर किए

इधर, बेलारूस में हुई बातचीत का कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने EU की सदस्यता आवेदन पर हस्ताक्षर किए.
साथ ही उन्होंने कहा कि ये यूक्रेनी लोगों की पसंद है. इससे पहले, यूक्रेन (Ukraine) ने तुरंत सीजफायर लागू करने और रूसी सैनिकों को अपनी जमीन से जाने की मांग की थी.
अभी तक इस जंग में रूस और यूक्रेन दोनों ही को बड़ा नुकसान हुआ है. बड़ी संख्या में लोगों ने देश छोड़कर पड़ोसी मुल्कों में शरण ली है.
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