बड़ी खबर! Drug Racket में फंसे इस अकाली नेता ने सरेआम निगला जहर

Prabhat Times
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के एक नेता ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। यह अनवर नामक यह नेता वही शख्स है, जिसकी कोठी से डेढ़ साल पहले 197 किलो हेरोइन पकड़ी गई बताई जा रही है। पंजाब के अब तक दूसरे बड़े ड्रग रैकेट केस में नामजद यह शख्स आज अपने खिलाफ दर्ज केस को रद्द करवाने की मांग को लेकर कुछ साथियों के साथ प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान जेब में रखा जहर खा लिया। आनन-फानन में उसे अस्पताल में पहुंचाया गया।

नहीं दे पाया था किराये के संबंध में कोई दस्तावेज

मामले में जानकारी के अनुसार 30 जनवरी 2020 की रात को अमृतसर में अकाली नेता अनवर मसीह की कोठी से 197 किलो हेरोइन की खेप पकड़ी गई थी यह आदमी सबोर्डिनेट सर्विस बोर्ड का मेंबर भी है। हालांकि मसीह ने दावा किया था कि उसने 6 लोगों को यह मकान किराये पर दिया था, जिन्हें वहां से गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में अनवर मकान किराये पर देने संबंधी किरायानामा या दूसरा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाया था। उसके बाद पुलिस ने अनवर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।
इसी केस को रद्द करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को सुबह अनवर मसीह ने जीटी रोड अल्फा-1 के पास धरना शुरू किया था। इसी धरने के बीच अनवर ने जेब से जहर की शीशी निकाली और उसे निगल लिया। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा और समर्थक तुरंत उसे अस्पताल ले गए।
जहर खाने से पहले अनवर कह रहा था कि वह अब पुलिस ने तंग आ चुका है और पुलिस उसे बेवजह तंग कर रही है। आज तक उसने कभी किसी कुत्ते को एक डंडा तक नहीं मारा। इस केस को छोड़कर कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और इतना ही नहीं, यह केस भी झूठा है। अगर उस पर दर्ज पर्चा रद्द नहीं किया जा सकता तो वह जहर ही खा लेता है। फिलहाल उसका फोर्टिस एस्कोर्ट अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पंजाब का दूसरा बड़ा ड्रग सिंडिकेट है यह

अमृतसर के सुल्तानविंड में 197 किलो हेरोइन की बरामदगी का यह मामला पंजाब का दूसरा बड़ा ड्रग सिंडिकेट है। इससे बरसों पहले 6 हजार करोड़ का जगदीश भोला ड्रग रैकेट खूब चर्चा में रहा था। इस मामले की मुख्य कड़ी अर्जुन अवार्डी और रुस्तम-ए हिंद अवार्डी पहलवान जगदीश भोला था, जो पंजाब पुलिस में DSP था। इस मामले में उसे 12 साल की सजा हुई थी। उसके अलावा 24 लोगों को NDPS समेत कई धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी, इस केस में 25 आरोपी बरी हो चुके हैं। खास बात यह भी है कि जगदीश भोला भी अकाली दल के नेता सुखबीर बादल का करीबी माना जाता था।

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