Sidhu Moosewala हत्याकांड में ADGP ने किए बड़े खुलासे, इतने महीने पहले रची गई थी साजिश

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Prabhat Times
चंडीगढ़। (sidhu moosewala murder case punjab adgp) सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आज शाम एजीटीएफ के एडीजीपी प्रमोद बान ने बड़े खुलासे किए हैं। एडीजीपी प्रमोद बान ने खुलासा किया है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का प्लानिंग पिछले साल अगस्त से बन रही थी।
विक्की मिड्डू खेड़ा की हत्या के बाद से मूसेवाला को मारने के लिए लारैंस बिश्नौई, सचिन बिश्नौई, गोल्डी बराड़ व अनमोल द्वारा योजना तैयार की जा रही थी। मूसेवाला हत्याकांड में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड:पिछले साल अगस्त से थी हत्या की प्लानिंग; लॉरेंस की साजिश को गोल्डी, सचिन और अनमोल ने अंजाम दिया
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश पिछले साल अगस्त से ही शुरू हो गई थी। इसका मास्टरमाइंड गैंगस्टर लॉरेंस था। लॉरेंस ने पूरी प्लानिंग की। जिसे उसके भाई अनमोल, कनाडा बैठे साथी गोल्डी बराड़ और भांजे सचिन थापन ने अंजाम दिया।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के ADGP प्रमोद बान ने कहा कि जनवरी में ही मूसेवाला की हत्या की प्लानिंग थी। हालांकि उस वक्त यह वारदात को अंजाम नहीं दे सके।

25 को ही मानसा पहुंच गए थे शूटर

ADGP प्रमोद बान ने कहा कि शार्पशूटर्स 25 मई को ही मानसा पहुंच चुके थे। वह तभी से मूसेवाला की हत्या के लिए मौका तलाश रहे थे। उन्होंने 27 मई को भी कोशिश की थी लेकिन कामयाब नहीं हो सके।

केकड़ा और निक्कू ने थार का पीछा भी किया

संदीप केकड़ा और निक्कू ने 29 मई को मूसेवाला की रेकी की। यह दोनों मूसेवाला के घर गए थे। इन्होंने मूसेवाला के साथ सेल्फी ली। फिर वीडियो कॉल कर गोल्डी बराड़ और सचिन थापन को मूसेवाला के बारे में जानकारी दी।
मूसेवाला के बिना सिक्योरिटी थार जीप से जाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने बाइक से कुछ दूर तक थार का पीछा किया। आगे रोड पर कोरोला और बोलेरो में शार्प शूटर्स मौजूद थे। उन्हें इशारा करने के बाद दोनों वहां से निकल गए।

मिड्‌डूखेड़ा का कत्ल ही वजह

ADGP ने कहा कि मोहाली में विक्की मिड्‌डूखेड़ा का कत्ल ही हत्या की वजह बना। गैंगस्टर लॉरेंस को शक था कि मिड्‌डूखेड़ा के कत्ल में मूसेवाला का हाथ है। मिड्‌डूखेड़ा लॉरेंस का कॉलेज फ्रैंड था। मिड्डूखेड़ा के कत्ल के बाद से ही बदला लेने के लिए लॉरेंस ने पूरी साजिश रची।

भाई और भांजे को फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भेजा

एडीजीपी ने बताया कि मूसेवाला हत्याकांड की पूरी साजिश रचने के बाद लॉरेंस ने भाई अनमोल और भांजे सचिन थापन को सेफ करना था।
इसलिए उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया और उन्हें जनवरी में ही विदेश भेज दिया। हालांकि जनवरी में इनका प्लान फेल हो गया। जिसकी जानकारी पुलिस के पास आ चुकी है। उन दोनों को वापस लाएंगे। इस मामले में दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है।

जांच भटकाने के लिए सचिन थापन गोली मारने की बात कही

जांच में यह भी पता चला कि लॉरेंस के भांजे सचिन थापन ने एक प्राइवेट चैनल को फोन कर कहा था कि मैंने मूसेवाला को गोली मारी है। उस वक्त सचिन विदेश में बैठा था। वह पुलिस की जांच भटकाना चाहता था।

मर्डर में AK सीरीज का इस्तेमाल हुआ

ADGP प्रमोद बान ने कहा कि मूसेवाला की हत्या में पिस्टल और AK सीरीज के हथियार इस्तेमाल हुए हैं। उन्होंने AN94 के इस्तेमाल को नकार दिया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जो हथियार पकड़े हैं, वह हत्या में इस्तेमाल हुए या नहीं, इसकी फॉरेंसिक जांच करेंगे। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के पकड़े शार्प शूटर प्रियवर्त फौजी से भी पंजाब पुलिस पूछताछ करेगी।

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