Prabhat Times
नई दिल्ली। बिहार सरकार ने कोरोना काल में बाधित हुई पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। बिहार बोर्ड ने नए सत्र की शुरुआत से पहले ही कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को राहत दी है। बिहार के शिक्षा विभाग ने COVID-19 के कारण शैक्षणिक नुकसान को देखते हुए बिना परीक्षा दिए छात्रों को प्रमोट करने का निर्णय लिया है। नीतीश कुमार की ओर से भी सहमति मिल गई है।
शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार ने बाधित हुई पढाई की भरपाई के लिए तीन महीने तक कक्षाओं की व्यवस्था करने का फैसला किया है। इन तीन महीनों के दौरान, छात्र वर्तमान पाठ्यक्रम के मूलभूत विषयों को पढ़ेंगे, जिससे आगे की कक्षा में परेशानी न हों। तीन महीने की पढ़ाई के बाद अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा।
कोविड-19 की वजह से स्कूलों को बंद कर दिया गया था, ऐसे में ऑनलाइन एजुकेशन के जरिए पढ़ाई को जारी रखा गया। लेकिन स्मार्टफोन और इंटरनेट सुविधाओं की कमी के कारण राज्य के कई विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो सके। मार्च 2021 के दूसरे या तीसरे सप्ताह से कक्षाएं शुरू होने की संभावना है।
वर्तमान में, बिहार शिक्षा विभाग 26 फरवरी, 2021 से 3 मार्च, 2021 तक कक्षा 9 के छात्रों के लिए वार्षिक परीक्षा शुरू करेगा। राज्य भर के जिला शिक्षा अधिकारियों से 24 फरवरी, 2021 तक नवीनतम ओएमआर शीट खरीदने के लिए कहा जा रहा है। कक्षा 9 के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 4 मार्च, 2021 से शुरू होंगी।
इस साल कक्षा 9 की परीक्षाओं में लगभग 13 लाख विद्यार्थी उपस्थित होंगे। अप्रैल 2020 में, बिहार शिक्षा विभाग ने कोरोना के कारण अंतिम परीक्षा आयोजित किए बिना कक्षा 1 से 9 और 11 के विद्यार्थियों को प्रमोट किया था। इस साल विभाग ने बिना किसी वार्षिक परीक्षा के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को बढ़ावा देने का फैसला किया है।

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