ट्रांसपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर ‘भूतों’ का साया, पढ़ें

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Prabhat Times
जालंधर। आम पब्लिक को सुविधा देने तथा एजैंट राज खत्म करने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा शुरू की गई parivahan.gov.in पर ‘भूतों’ का साया मंडरा रहा है।
वेबसाइट पर ‘भूतिया’ एक्टिविटी होने के कारण विभाग द्वारा आम पब्लिक को दी जाने वाली सुविधा अब असुविधा और दुविधा से ज्यादा कुछ नहीं है।
हैरानीजनक तथ्य ये है कि इस ‘भूतिया’ एक्टिविटी को रोकने के लिए फिलहाल ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी भी फिलहाल गंभीर नहीं दिख रहे। जिस कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा parivahan.gov.in वेबसाइट शुरू की गई। इसमें वाहनों की रजिस्ट्रेशन, ड्राईविंग लाईसैंस से जुड़ी सभी गतिविधियों को ऑनलाइन कर दिया गया।
विभाग द्वारा आम पब्लिक को सुविधा दी गई कि वे ट्रांसपोर्ट विभाग से संबंधित किसी भी काम के लिए वेबसाइट पर लॉगइन करके अपने वाहन या ड्राईविंग लाईसैंस से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने के पश्चात काम करवाने संबंधी विभाग से एप्वाइंटमैंट ले सकते हैं।
इस कमाल की सुविधा के पीछे परिवहन विभाग का तात्पर्य ये था कि आम पब्लिक को आर.टी.ए. दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े और एजैंट राज खत्म हो। साथ ही आर.टी.ए. दफ्तरों में बिना वजह जुटने वाली भीड़ से भी छुटकारा हो सके।

वेबसाइट पर ‘भूतों’ का साया

परिवहन विभाग की वेबसाइट इस समय असुविधा और दुविधा का कारण बनी हुई है। इसका कारण ये है कि वेबसाइट पर आवेदक लॉगइन करके दस्तावेज अपलोड करने संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेता है, लेकिन जब आखिर में स्लॉट बुकिंग यानिकि एप्वाइंटमैंट का कॉलम आता है तो ‘कोटा फुल’ का मैसेज आवेदक की कंप्यूटर स्क्रीन पर होता है।
चर्चा है कि एप्वाईंटमैंट का ये खेल पिछले कई माह से चल रहा है। वैसे तो विभाग द्वारा एप्वाईंटमैंट के लिए एक तिथि के लिए कोटा (यानिकि एक दिन में कितने आवेदन हो सकते हैं) और समय निर्धारित कर रखा है। लेकिन विभाग और दफ्तरों मे ऐसी चर्चा है कि एप्वाईंटमैंट को लेकर भी जब्रदस्त खेल होता है।
चर्चा है कि वेबसाइट को किसी ‘भूत’ का साया है, क्योंकि कभी भी एप्वाईंट किसी आम पब्लिक को नहीं मिलती। जब भी कोई नागरिक आवेदन के लिए वेबसाइट खोलता है तो कोटा फुल ही नज़र आता है।
वेबसाइट पर खासकर एप्वाईंटमैंट कॉलम पर ‘भूत’ का साया पड़ गया है। जो कि किसी भी आम नागरिक को एप्वाईंटमैंट नहीं होने देता। वैसे तो स्लॉट बुकिंग के लिए समय निर्धारित है, लेकिन चर्चा है कि पिछले दिनों में ये काम आधी रात, तड़कसार होता, जब आम आवेदक सो रहे होते। किसी को पता भी नहीं चलता कि एप्वाईंटमैंट के लिए स्लॉट कब ओपन हुआ और कब बंद।

इस मामले को लेकर हो-हल्ला होने के कारण आजकल काम निर्धारित समय पर ही चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी भूत एप्वाईंटमैंट को लेकर चल रहे कई लूप-होल का फायदा उठा कर अपना काम कर रहा है। चर्चा है कि एप्वाईंमैंट की डेट मर्जी मुताबिक बदली भी कर दी जाती है।

एप्वाईंटमैंट समस्या का शीघ्र होगा समाधान: आर.टी.ए. बरजिन्द्र सिंह

इस बारे में जालंधर के आर.टी.ए. बरजिन्द्र सिंह का कहना है कि इस बारे में पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। वेबसाइट में एप्वाईंटमैंट यानिकि स्लॉट बुकिंग का काम ऑनलाईन है और ये सारा काम एन.आई.सी. से ही चलता है।
इसमें लोकल स्तर पर उनके हाथ में कुछ नहीं है। उनके द्वारा विभाग के आला अधिकारियों को लिखित भेज करक इस समस्या का समाधान करने के लिए कहा गया है, ताकि आम पब्लिक को परेशानी न हो।