Prabhat Times
वाशिंगटन। (US Capitol Hill Violence) चुनावी नतीजों को लेकर जारी खींचतान के बीच अमेरिका हिंसा की आग में झुलसता नजर आ रहा है। अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग में इलेक्टोरल वोटों की गिनती के दौरान अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। यह झड़प देखते ही देखते हिंसक हो गई, जिसमें अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मोहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हो गई है।
वाशिंगटन डीसी पुलिस के मुताबिक, अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के कैपिटल परिसर में हंगामे की घटना में चार लोगों की मौत। इनमें से एक महिला को पुलिस ने गोली मारी है, जबकि तीन की गंभीर हालत में मौत हुई है। दरअसल, बुधवार को कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत का सामना करना पड़ा।

राजधानी में कर्फ्यू

इन हालात में प्रतिनिध सभा और सीनेट तथा पूरे कैपटोल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों के हमले में कई अधिकारी घायल हो गए हैं। बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया। लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए।

13 गिरफ्तार और 5 हथियार जब्त

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में पुलिस ने चुनाव प्रदर्शन में 52 लोगों को गिरफ्तार कर पांच हथियार जब्त किए हैं। वाशिंगटन मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के प्रमुख रॉबर्ट कॉन्टे ने कहा कि हमें पांच हथियार बरामद हुए हैं और करीब 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कॉन्टे ने कहा कि सभी गिरफ्तार किए गए लोग वाशिंगटन के निकटतम उपनगरों और प्रांतों से यहां पहुंचे थे।

ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट पर लगाई रोक

अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली संबंधी पोस्ट लगातार करने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर बुधवार को 12 घंटे के लिए रोक लगा दी।  ट्विटर ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ट्रंप ने नियमों का उल्लंघन किया तो उनके अकाउंट पर स्थायी रूप से रोक लगा दी जाएगी।

फेसबुक और यूट्यूब ने भी हटाया वीडियो

इससे पहले ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब ने ट्रंप का वीडियो हटा दिया था जिसमें वह बुधवार को अपने समर्थकों से ‘घर जाने की अपील कर रहे थे और राष्ट्रपति चुनाव में धांधली होने की बात के रहे थे। कैपिटल परिसर में प्रदर्शनकारियों के घुसने के करीब दो घंटे बाद ट्रंप ने यह वीडियो पोस्ट किया था। प्रदर्शनकारी इलेक्टोरल कॉलेज के नतीजों पर संसद के संयुक्त सत्र में व्यवधान डालना चाहते थे। इस सत्र में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत की पुष्टि होनी थी।

जो बाइडन ने राजद्रोह करार दिया

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस हिंसा को राजद्रोह बताते हुए भीड़ से तुरंत लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि भीड़ वापस लौटे और लोकतंत्र को काम करने दे। बाइडन ने कहा, ‘इससे फर्क नहीं पड़ता कि राष्ट्रपति अच्छा है या बुरा लेकिन एक राष्ट्रपति के शब्द मायने रखते हैं। अच्छा यह कि वह लोगों को प्रेरित कर सकता है और बुरा यह कि वह लोगों को उकसा सकता है। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कह रहा हूं कि अभी नेशनल टेलिविजन पर आकर अपनी शपथ पूरी करें, संविधान की रक्षा करें और इस घेराबंदी को समाप्त करने की मांग करें।’
ट्रंप ने अपने भाषण में क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने संसद का संयुक्त सत्र शुरू होने से ठीक पहले कहा कि वह चुनाव में हार को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें धांधली हुई है और यह धांधली उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन के लिए की गई, जो नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं। ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहाकि जब धांधली हुई हो तब आपको अपनी हार स्वीकार नहीं करनी चाहिए। ट्रंप ने एक घंटे से अधिक के अपने भाषण में दावा किया कि उन्होंने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की है।

कब और कैसे शुरू हुई हिंसा?

जब जो बाइडन की जीत को प्रमाणित करने के लिए सांसद संसद के संयुक्त सत्र के लिए कैपिटल के भीतर बैठे थे, तभी यूएस (अमेरिका) कैपिटल पुलिस ने इसके भीतर सुरक्षा के उल्लंघन की घोषणा की। ट्रंप समर्थक कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए और हंगामा करने लगे। इसके चलते कांग्रेस को मजबूरन अपनी कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कैपिटल के बाहर पुलिस और ट्रंप समर्थकों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने कैपिटल की सीढ़ियों के नीचे लगे अवरोधक तोड़ दिए। कैपिटल पुलिस ने बताया कि इलाके में एक संदिग्ध पैकेट भी मिला है।

पीएम मोदी ने दुख जताया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प पर बृहस्पतिवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘वाशिंगटन डीसी में हिंसा और दंगे की खबरों से चिंतित हूं। सत्ता का सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी प्रदर्शनों के जरिए बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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