एक्शन में राजा वड़िंग! पंजाब में नहीं चलेगी प्राईवेट बस आपरेटर की मनमानी, दिए ये सख्त निर्देश

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Prabhat Times

चंडीगढ़। (Vehicle Tracking System to be installed in private buses too, announces Raja Warring) पंजाब के परिवहन मंत्री अमरिन्दर सिंह राजा वड़िंग ने आज ऐलान किया कि सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किये गए वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (वी.टी.एस.) को आगे बढ़ाते हुये अब यह प्रणाली राज्य में चल रही सभी प्राईवेट बसों में भी लगाई जायेगी।
पंजाब रोडवेज़ और पनबस के मुख्यालय में बस ट्रैकिंग सिस्टम मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम के कामकाज की समीक्षा करते हुये राजा वड़िंग ने बताया कि प्राईवेट ऑपरेटरों की बसों की कारगुज़ारी सुरक्षा के लिहाज़ से संतोषजनक न होने के कारण प्राईवेट बसों में भी वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाना यकीनी बनाया जायेगा। इसी दौरान परिवहन मंत्री ने सिस्टम के कामकाज की जांच करने के लिए अलग-अलग डिपूओं के कई जनरल मैनेजरों, ड्राइवरों और कंडकटरों को फ़ोन करके सिस्टम की कार्यकुशलता की जांच की।
परिवहन मंत्री ने बताया कि यह सिस्टम अब तक पनबस/पंजाब रोडवेज़ की 1450 बसों में लागू किया जा चुका है, जो महिलाओं की सुरक्षा को यकीनी बना रहा है क्योंकि किसी आपात स्थिति के लिए महिलाओं के लिए बसों में पैनिक बटन मुहैया करवाया गया है। इसके इलावा बसों के पारदर्शी और समयबद्ध आने-जाने के लिए केंद्रीय निगरानी और कंट्रोल रूम चण्डीगढ़ में स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वी.टी.एस. के द्वारा बसों की तेज रफ़्तार, गलत ढंग से ब्रेक लगाने और तेज़ भगाने, बसों के रात में ठहराव, निर्धारित स्थानों की बजाय किसी अन्य जगह रुकना, बसों का ढाबों पर 25 मिनटों से अधिक रुकना, रूट बदलना, शहरों से बाहर-बाहर गुज़र जाना, निश्चित स्टॉप पर न रुकना, काऊंटरों से बसों के आने और जाने के वास्तविक समय की निगरानी, बसों की वास्तविक यात्रा की दूरी आदि संबंधी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सिस्टम के द्वारा बसों की निगरानी सम्बन्धी डिपूओं के जनरल मैनेजरों और केंद्रीय कंट्रोल रूम के ज़रिये की जा रही है।
इसके इलावा मैनेजमेंट इंफ़रमेशन सिस्टम का प्रयोग ड्राइवरों और कंडक्टरों के व्यवहार, बसों के प्रयोग, उपलब्ध स्टाफ के प्रयोग, बसों को निश्चित समय से देरी के साथ और पहले चलाना, बसों की तरफ से तय किये किलोमीटरों आदि संबंधी रिपोर्टें तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
राजा वड़िंग ने कहा कि सिस्टम द्वारा तैयार की रिपोर्टों और विभाग के अधिकारियों की फीडबैक के आधार पर हर पखवाड़े डिपूओं के तीन बढ़िया कारगुज़ारी वाले जनरल मैनेजरों और दस-दस ड्राइवरों और कंडक्टरों को सम्मानित किया जायेगा जबकि काम में कोताही बरतने वालों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
उन्होंने दोहराया कि किसी स्टाफ मैंबर की तरफ से प्राईवेट ऑपरेटर के साथ मिलीभुगत करके विभागीय राजस्व को नुक्सान पहुँचाने के मामले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इस मौके पर विधायक कुलबीर सिंह ज़ीरा, बलविन्दर सिंह लाडी और दविन्दर सिंह घुबाया, प्रमुख सचिव के. सिवा प्रसाद और डायरैक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट भुपिन्दर सिंह मौजूद थे।

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